धरती बच गई थी, लेकिन एक कीमत पर। आदित्य वर्मा राष्ट्रीय नायक बन गए। उन्होंने अपने भाई अर्जुन से गले मिलते हुए कहा:
वर्ष 2050। जलवायु परिवर्तन ने दुनिया को तबाह कर दिया था। बाढ़, सूखा, भूकंप और भीषण तूफान आम बात हो चुके थे। इस आपदा से बचने के लिए दुनिया के सभी देशों ने मिलकर एक अंतरिक्ष मंच, "डचमैन" (Dutchman) बनाया। यह अनगिनत उपग्रहों का एक जाल था, जो पृथ्वी के मौसम को नियंत्रित करता था।
जियोस्टॉर्म रुक गए। लेकिन आदित्य का अंतरिक्ष यान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। पूरी दुनिया ने दम तोड़ते हुए उसे देखा। तभी, विक्रम – जिसे अपनी गलती का एहसास हो गया था – ने अपने प्राणों की बाजी लगाकर आदित्य को बचाया और खुद बलिदान हो गया।